ब्यूरो चीफ

रहिमाबाद, लखनऊ। रहीमाबाद थाने में कई वर्षों से जमे रसूखदार सिपाही ओपी यादव इसे रसूख कहा जाए या जुगाड़ या कुछ और।ऐसे सिपाहियों को अधिकारी हटाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।ओपी यादव कई वर्षों से तैनात हैं।थाने पर डेरा जमाए हुए हैं।
आपको बता दें कि,रहीमाबाद थाने में तैनात आरक्षी ओपी यादव सालों से तैनात हैं।सूत्रों की मानें तो कई बार शिकायतों के बाद भी एक ही जगह तैनात हैं। जहां पूरा सिस्टम इनके मन माफिक चलता है।सालों से जमे पुलिसकर्मी अपने हिसाब से नेटवर्क का उपयोग करते हैं और नए पुलिसकर्मियों को टिकने नहीं देते। नतीजतन- थाने के अंदर की आपसी खींचतान में अपराध बढ़ता है।
वर्षों से जमे रसूखदार सिपाही ओपी यादव । यूं तो पुलिस महकमे में सिपाही का पद सबसे छोटा है, लेकिन रहीमाबाद थाने में तैनात सिपाही ओपी यादव का कद अपने पद से बहुत बड़ा है। इसके चलते शासन और अधिकारियों के आदेश उन पर बेअसर हैं।थाने पर कई साल से सिपाही ओपी यादव जमे हुए हैं।
लंबे समय से एक ही थाने में जमे ओपी यादव जमे हुए हैं।लेकिन रहीमाबाद थाने के आरक्षी ओपी यादव तबादला नीति कारगर नहीं है। एक ही थाने में जमे उन्हें कई वर्ष हो चुके हैं। समूचे विभाग की बदनामी
हालांकि पुलिस विभाग पर लोगों की सुरक्षा का जिम्मा होने के नाते पुलिस अधिकारियों से अनुशासित होने की अपेक्षा की जाती है, परन्तु आज चंद पुलिस कर्मी वर्दी की गर्मी में विभाग की बदनामी का कारण बन रहे हैं।
जनता के साथ बदसलूकी
रहीमाबाद थाने में तैनात सिपाही ओपी यादव के मनमानी करने से दिनों दिन पुलिस विभाग की छवि बिगड़ती जा रही है। पुलिस को जनता का रक्षक और सेवक समझा जाता है, लेकिन कुछ ओपी यादव जैसे पुलिस कर्मियों के कारण विभाग की छवि धूमिल होती है। जनता की समस्याओं को सुनने और समाधान करने की बजाय उनके साथ बदसलूकी करने की घटनाएं अक्सर सुनने को मिलती है, जो बेहद दुखद है।

