कमलेंद्र त्रिपाठी

माल, 19 दिसंबर 2025 जनपद लखनऊ के विकास खण्ड माल अंतर्गत ग्राम पंचायत पतैना के मुसरिहन खेड़ा गाँव के बाहर से निकलने वाला प्रमुख मार्ग आज अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है। कागजी रिकॉर्ड में लगभग 60 फुट चौड़ा बताया जाने वाला यह मार्ग माल–दुबग्गा मार्ग से मुसरिहन खेड़ा तिराहे के माध्यम से सैदापुर, इटौजा होते हुए सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ता है। इस सड़क के सहारे क्षेत्र के दर्जन से अधिक गाँवों के लोगों का रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए प्रतिदिन लखनऊ आवागमन बना रहता है।
ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग का निर्माण समाजवादी पार्टी शासनकाल में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराया गया था। इसी मार्ग से जुड़े गाँव नारायणपुर के लिए डामर रोड का निर्माण पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं किसान नेता राकेश सिंह चौहान के प्रयासों से हुआ था। वहीं बहुजन समाज पार्टी शासनकाल में तत्कालीन विधायक सिद्धार्थ शंकर के प्रयास से जगदीशपुर बुर्जुग गाँव को जोड़ने वाले मार्ग का निर्माण भी पीडब्ल्यूडी की कार्यदायी संस्था द्वारा कराया गया था। वर्तमान समय में ये सभी मार्ग अत्यंत जर्जर स्थिति में पहुँच चुके हैं। जगह-जगह गड्ढे, टूटी हुई पटरी और उखड़ी हुई डामर के कारण आए दिन राहगीरों के गिरकर घायल होने की घटनाएँ सामने आ रही हैं। दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मार्ग किसी खतरे से कम नहीं रह गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार क्षेत्रीय सांसद और विधायक को लिखित, मौखिक तथा व्यक्तिगत रूप से इस मार्ग की दुर्दशा से अवगत कराया, लेकिन अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने इसके सुधार के लिए ठोस पहल नहीं की। लगातार अनदेखी से क्षेत्रवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। अब क्षेत्र के कई गाँवों के लोगों ने इन जर्जर मार्गों के सुधार के लिए आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि शीघ्र ही इन खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य शुरू नहीं कराया गया तो वे आने वाले समय में वोट बहिष्कार जैसे कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इन मार्गों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि आम जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

