राकेश कुमार की खास खबर, लखनऊ से

लखनऊ। पॉक्सो एक्ट के एक मामले में 20 वर्ष की सजा पाए अभियुक्त को उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ से पहली सुनवाई में ही राहत मिलने का मामला सामने आया है। अभियुक्त इस्तियाक अली को लखनऊ की पॉक्सो-2 अदालत ने पॉक्सो की धारा 3/4 तथा धारा 376 आईपीसी के तहत 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।
अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता सैफ शेख ने उक्त निर्णय के खिलाफ उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में अपील दाखिल की। मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सैफ शेख एवं अधिवक्ता प्रभात कुमार त्रिपाठी ने अपना पक्ष रखा। अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए अभियुक्त को जमानत पर रिहा किए जाने का आदेश पारित किया। साथ ही 20 हजार रुपये के जुर्माने पर भी रोक लगा दी गई।
अधिवक्ता सैफ शेख ने इस सफलता को अपने एसोसिएट्स की सामूहिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि उनके साथ कार्य करने वाले सिराज अली, प्रियांशी नारायण, अनम, अलीशा, अरसलान, आदित्य वर्मा, अमान, अक्सा सहित अन्य एसोसिएट्स की मेहनत भी इस सफलता में शामिल है। आदेश के बाद एसोसिएट्स के बीच खुशी का माहौल है।
अधिवक्ता सैफ शेख ने बताया कि उनके एसोसिएट्स की टीम लगातार गरीब और बेसहारा लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों की मदद का यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा।

