जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न

योगेंद्र सिंह
शाहजहाँपुर। दिनांक 26.12.2025/जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी की उपस्थिति में कलक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पिछले एक वर्ष के दौरान हुई 418 सड़क दुर्घटनाओं पर गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, ट्रैफिक पुलिस, टीएसआई एवं एआरटीओ को निर्देश दिए कि सभी दुर्घटनाओं का एक सप्ताह के भीतर ऑडिट कराया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु प्रभावी उपाय सुनिश्चित किए जाएँ। उन्होंने कहा कि किसी विभाग की लापरवाही से दुर्घटना होने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्कूली बच्चों को ले जाने वाले ई-रिक्शा में छह से अधिक बच्चों के पाए जाने पर रिक्शा को तत्काल सीज किया जाए। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग तथा प्रमुख सड़कों की लिस्टिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर निराश्रित पशु पाए जाने पर संबंधित खंड विकास अधिकारी एवं नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जहां-जहां निराश्रित पशु पकड़े जाएँ, वहाँ चूने का छिड़काव कराया जाए, ताकि पशु पुनः वहां न लौटें।
आबकारी विभाग को निर्देशित किया गया कि एनएच एवं एसएच मार्गों से 200 मीटर परिधि के बाहर ही शराब की दुकानों का संचालन हो। प्रत्येक दुकान पर केवल छोटा बोर्ड लगाया जाए, अनधिकृत प्रचार-प्रसार न किया जाए तथा सभी दुकानों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएँ।
एआरटीओ को बसों एवं डबल डेकर बसों की फिटनेस की जांच स्वयं करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि गैस सिलेंडर एवं अन्य ज्वलनशील पदार्थ लेकर किसी भी वाहन को न चलने दिया जाए। सभी वाहन एवं रिक्शा चालकों का पुलिस सत्यापन कराया जाए तथा सत्यापन रिपोर्ट वाहनों पर चस्पा की जाए।
नगर निगम एवं निकायों को बस तथा ई-रिक्शा स्टैंड के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सड़कों से निर्धारित दूरी पर वेडिंग जोन बनाए जाने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि सड़कों पर आवश्यकता अनुसार सफेद पट्टियाँ, संकेतक, रिफ्लेक्टर, साइन बोर्ड और स्पीड ब्रेकर आदि सभी सुरक्षात्मक कार्य पूर्ण होने चाहिए।
नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा से सड़क सुरक्षा संबंधी लगातार एनाउंसमेंट कराने तथा रात्रि के समय सभी लाइटें जलती रहने के निर्देश दिए गए। साथ ही मार्गों पर बने गड्ढों को तत्काल भरवाए जाने पर बल दिया गया। खानन अधिकारी को बिना नंबर प्लेट वाले डंपरों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने और सभी वाहनों में रिफ्लेक्टर अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए। प्रमुख मार्गों के अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर संचालन हेतु अस्पतालों का चिन्हांकन करने को कहा गया। जिला गन्ना अधिकारी को निर्देशित किया गया कि गन्ना लदे वाहनों के पीछे लाल कपड़ा अवश्य लगा हो तथा बिना सुरक्षा मानक के ऐसे वाहनों को चीनी मिलों में प्रवेश न दिया जाए।
उन्होंने बताया कि 1 जनवरी से 31 जनवरी तक संचालित होने वाले ‘यातायात माह’ में जागरूकता कार्यक्रमों में आपदा मित्र और एनसीसी के छात्रों को शामिल किया जाएगा। नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में जागरूकता संबंधी होर्डिंग प्रतियोगिता आयोजित कराने के भी निर्देश दिए गए।
जिला पूर्ति अधिकारी को “नो हेलमेट नो फ्यूल” नियम का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक पेट्रोल पंप पर सीसीटीवी कैमरों में कम से कम एक सप्ताह का बैकअप सुरक्षित रहे, साथ ही निःशुल्क शौचालय और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। यातायात माह के दौरान सभी उप-जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर नियमों के पालन की निगरानी करेंगे।इमरजेंसी केयर से संबंधित क्रेन, एंबुलेंस, कटर मशीन आदि उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में नगर आयुक्त डॉ. विपिन कुमार मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, एसपी सिटी देवेंद्र कुमार, एआरटीओ सर्वेश कुमार सिंह सहित लोक निर्माण विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

