योगेन्द्र सिंह

शाहजहांपुर। जिलाधिकारी ने दिये किचन में गंदगी पाए जाने पर प्रतिष्ठान सीज़ करने के निर्देश 15 जनवरी तक सभी दुकानों पर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा लगभग 15 दिन का बैकअप रखने के निर्देश जिला स्तरीय सतर्कता समिति की त्रैमासिक बैठक शुक्रवार को दिनांक 26 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी श्री धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में विस्मिल सभागार, कलेक्ट्रेट में सम्पन्न हुई।
बैठक के दौरान सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वारा विभागीय संरचना, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत गत एवं वर्तमान वर्ष की उपलब्धियों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही आमजन को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराए जाने हेतु आवश्यक बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
जिलाधिकारी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत सितंबर एवं अक्टूबर माह में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण, छापों एवं नमूना संग्रह की समीक्षा की गयी। उन्होंने निर्देश दिए कि निरीक्षण एवं छापों की संख्या में और वृद्धि की जाए। जिलाधिकारी ने रेस्टोरेंट, ढाबा, मिठाई एवं बेकरी प्रतिष्ठानों का नियमित और गहन निरीक्षण किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिष्ठानों में किचन में कॉकरोच, चूहा आदि घूमते मिलने पर मानक के अनुरूप कार्य न करने वाले प्रतिष्ठानों को सीज़ करने तथा पुनः गलती पाए जाने पर स्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए। साथ ही कैफे/रेस्टोरेंट/ढाबों में बंद केबिन, कमरे न बनाए जाने तथा पर्दे भी लगाए जाने के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जो दुकानदार ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थ बाताकर बेचने वालो की सैंपलिंग कराई जाए।
उन्होंने नगर में टीम के साथ रेस्टोरेंट एवं कैफे की हाइजीन कंडीशन, किचन स्वच्छता मानक की जांच करने तथा निरीक्षण के दौरान फोटोग्राफ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। किचन में गंदगी पाए जाने पर प्रतिष्ठान सीज़ करने तथा दोबारा गलती पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा बॉडीवार्न कैमरों का नियमित उपयोग न करने पर नाराजगी व्यक्त की तथा सभी निरीक्षण में बॉडीवार्न कैमरों की निगरानी करने के सख्त निर्देश दिए। अनुपालन न होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। प्रयोगशाला से प्राप्त नमूनों की जांच रिपोर्ट का नियमानुसार समय से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मसालों की खुली बिक्री प्रतिबंधित होने के कारण व्यापारियों को जागरूक करने एवं विशेष निरीक्षण करने पर जोर दिया। ऐसे खाद्य नमूनों के मामलों में, जिनका परिणाम मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो, विशेष सतर्कता बरतते हुए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खाद्य लाइसेंस एवं पंजीकरण के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि व्यापारियों के टर्नओवर के आधार पर उचित श्रेणी में लाइसेंस/पंजीकरण किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर व्यापारियों के सहयोग से तहसील स्तर पर कैंप आयोजित कर लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। औषधि निरीक्षक को निर्देश दिया गया कि औषधि लाइसेंस की ऑनलाइन व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे व्यापारियों का शोषण रोका जा सके। साथ ही उन्हें बॉडीवार्न कैमरा उपलब्ध कराते हुए निरीक्षण के दौरान उसका अनिवार्य उपयोग करने तथा फोटोग्राफ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने नारकोटिक औषधियों की जांच तेज करने, 15 जनवरी तक सभी दुकानों पर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा लगभग 15 दिन का बैकअप रखने के निर्देश दिए। ऐसे दवा व्यापारियों के विरुद्ध सघन कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए, जिनके पारिवारिक सदस्य अवैध रूप से नारकोटिक औषधियों के व्यापार में संलिप्त पाए जाते हैं।

