राकेश कुमार की खास खबर मलिहाबाद से

मलिहाबाद, लखनऊ । मलिहाबाद व कसमंडी कलां पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के यौमे पैदाइश के मुबारक मौके पर कसमंडी कलां में जुलूसे मोहम्मदी बड़ी ही अकीदत और शान-ओ-शौकत के साथ निकाला गया। इस बार जुलूस में इस्लामी झंडों के साथ तिरंगा भी लहराया, जो कौमी एकता का प्रतीक बना। कसमंडी कलां स्थित दीवान खाना मस्जिद से जुलूस की शुरुआत हुई, जो पूरे गांव का भ्रमण करते हुए पुनः उसी मस्जिद पर आकर समाप्त हुआ। इस दौरान रास्ते भर में जगह-जगह अकीदतमंदों द्वारा सबीलें लगाई गई थीं, जहां शरबत, पानी और जलपान की व्यवस्था की गई थी। जुलूस में ढोल-नगाड़ों की थाप और नारा-ए-तकबीर, अल्लाह-हू-अकबर की सदाओं से पूरा गांव गूंज उठा। इस बार के जुलूस का सबसे खास आकर्षण भारत का तिरंगा रहा, जो इस्लामी परचमों के साथ शान से लहरा रहा था। यह नजारा गंगा-जमुनी तहजीब और हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश दे रहा था। जुलूस को सकुशल और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए कसमंडी चौकी पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात रही। मलिहाबाद थाने के उप निरीक्षक संदीप सिंह, उप निरीक्षक विवेक सिंह, उप निरीक्षक रामविलास यादव व हेड कांस्टेबल अमित कुमार पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। इस अवसर पर लुकमान अली मंसूरी, राष्ट्रीय सचिव अल्पसंख्यक सभा, समाजवादी पार्टी तथा प्रदेश उपाध्यक्ष सी.एल. वर्मा सहित कई गणमान्य लोग जुलूस में शामिल हुए। यह जुलूस डॉ. शकील और लुकमान अली के नेतृत्व में निकाला गया, जिसमें जावेद अहमद, उर्फी, ओसामा, नवाब हसन, सलीम सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।

