अनुराग सिंह की खास खबर लखनऊ से

लखनऊ। गर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन, सपा नेता मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष अनीस राजा समेत कई हिरासत में पुलिस से तीखी नोकझोंक के बीच अनीस राजा की बिगड़ी तबीयत।
पारा क्षेत्र से पकड़ी गई भैंसों की प्रस्तावित नीलामी को लेकर सोमवार को राजधानी में माहौल उस वक्त गरमा गया, जब बड़ी संख्या में लोग लालबाग स्थित नगर निगम कार्यालय के बाहर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने भैंसों की नीलामी रोकने और उन्हें वापस किए जाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष अनीस राजा भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। देखते ही देखते प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। मौके पर मौजूद थाना प्रभारी हज़रत गंज विक्रम सिंह समेत पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
अनीस राजा और पुलिस के बीच भी काफी देर तक नोकझोंक और गर्मागर्म बहस होती रही।हिरासत में लिए गए अनीस राजा की तबीयत भी बिगड़ने लगी, जिसको देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए जिसके बाद पुलिस द्वारा उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी और बढ़ गई। उनका कहना था कि पारा क्षेत्र से पकड़ी गई भैंसों की नीलामी किया जाना उचित नहीं है और प्रशासन को उन्हें उनके मालिकों को वापस करना चाहिए। भैंसो की नीलामी के विरोध में कई अन्य संगठनों द्वारा भी आवाज़ उठाई गई।
अनीस राजा ने पत्रकारों से कहा कि भैंसों को लेकर की जा रही कार्रवाई से पशुपालकों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। उनका ये भी कहना है कि भैंसें केवल पशु नहीं, बल्कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की रोजी-रोटी का सहारा हैं।
ऐसे में उनकी नीलामी कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा कर सकती है। वहीं, नगर निगम कार्यालय के बाहर हुए हंगामे के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। काफी देर तक मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और माहौल तनावपूर्ण बना रहा। फिलहाल भैंसों की नीलामी का मुद्दा राजधानी में राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय बन गया है। प्रदर्शन, हिरासत और अनीस राजा की तबीयत बिगड़ने की घटना ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

