राकेश कुमार की खास खबर मलिहाबाद से


मलिहाबाद, लखनऊ। थाना क्षेत्र के बिराहिमपुर गांव में बुधवार तड़के सर्पदंश से 55 वर्षीय महिला चंपा की दर्दनाक मौत हो गई। परिजन समय पर अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े रहे, जिसके चलते महिला की जान चली गई। घटना सुबह करीब 6 बजे की है। मृतका के पुत्र अजीत के अनुसार, उनकी मां चंपा नहाने जा रही थीं। अनाज की टंकी पर रखा साबुन उठाने गईं, तभी वहां पहले से छिपे बैठे सांप ने उन्हें डस लिया। चीख-पुकार सुनकर परिजन पहुंचे तो सांप वहीं मौजूद था। परिजन इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय उन्हें पास के भौसा गांव में तांत्रिक के पास झाड़-फूंक कराने ले गए। लगभग आधे घंटे तक झाड़-फूंक चलती रही, इस दौरान महिला की हालत बिगड़ती गई और वह बेसुध हो गईं। तब जाकर परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मलिहाबाद ले गए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला की मौत हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में एंटीवेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत मरीज को अस्पताल लाना चाहिए।
मलिहाबाद इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए जाल बिछाकर सांप को सुरक्षित पकड़ लिया और वन विभाग की टीम को सौंप दिया।
बताया जा रहा है कि सात वर्ष पूर्व पति रामकुमार की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। अब परिवार में चंपा के तीन बेटे हैं।

