अनुराग सिंह की खास खबर लखनऊ से

लखनऊ। 9 सितंबर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत कार्यरत लगभग 4 हजार आयुष चिकित्सकों (Mainstream/RBSK) की मानदेय विसंगति दूर किए जाने की मांग को लेकर प्रदेश के आयुष चिकित्सकों ने निर्णायक चरण में आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। आयुष चिकित्सकों का कहना है कि वे वर्ष 2 हजार नौ- दस से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रदेश की जनता को पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। वर्ष 2 हजार 9- दस में आयुष एवं MBBS चिकित्सकों का मानदेय ₹24 हजार प्रतिमाह समान था, जबकि वर्तमान में MBBS चिकित्सकों का बेसिक मानदेय एक लाख तथा आयुष चिकित्सकों का बेसिक मानदेय मात्र ₹32 हजार है। चिकित्सकों ने इसे गंभीर मानदेय विसंगति बताते हुए समान कार्य के लिए समान एवं सम्मानजनक मानदेय की मांग की है। इस संबंध में आयोजित आयुष चिकित्सकों की ऑनलाइन बैठक में निर्णय लिया गया कि दिनांक 12 सितंबर 2 हजार 26 तक प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। सभी जनपदों के चिकित्सकों से अधिक से अधिक संख्या में एकजुट होकर ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की गई है। चिकित्सकों ने यह भी निर्णय लिया है कि यदि 20 सितंबर 2026 तक मानदेय विसंगति के समाधान की दिशा में सकारात्मक निर्णय नहीं होता है, तो 21 सितंबर 2026 को प्रातः 8 बजे माननीय मुख्यमंत्री/उपमुख्यमंत्री (स्वास्थ्य मंत्री) के आवास पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक धरना/विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। आयुष चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि आयुष चिकित्सकों के सम्मान, अधिकार और न्यायसंगत मानदेय की मांग को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के समक्ष रखना है। आयुष चिकित्सकों ने माननीय मुख्यमंत्री जी से आग्रह किया है कि प्रदेश के हजारों आयुष चिकित्सकों की वर्षों से लंबित मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए मानदेय विसंगति को दूर कर समान एवं सम्मानजनक मानदेय प्रदान करने की दिशा में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
अधिक संख्या मजबूत आवाज़ एकजुट आयुष”।

